February 27, 2021

कोरोना से रिश्ते हुए जार-जार

बीमारी से डरो, बीमार से नहीं, बीमारी से लड़ो, बीमार से नहीं, दरअसल इन दिनों वैश्विक महामारी कोविड-19 से ना सिर्फ पूरा देश बल्कि पूरी दुनिया ही हलकान है। लेकिन क्या इसका असर रिश्तों पर भी पड़ सकता है। जी हां, बिल्कुल इसका असर रिश्तों पर पड़ नहीं सकता है बल्कि पड़ रहा है। दरअसल अब जो ख़बर हम आपको बताने जा रहे हैं इसे सुनकर आप भी सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि वास्तव में कोरोना की इस महामारी ने रिश्तों को भी अपनी ज़द में ले लिया है, तभी तो गुजरात में जब एक बच्चे को कोरोना हुआ तो उसे उसके माता-पिता ने भी छोड़ दिया और बच्चा अकेले ही अस्पताल चला गया। अब ज़रा कुछ लाइने सुनिए जिन्हें सुनकर आप माँ और बच्चे के रिश्ते की कल्पना ही नहीं बल्कि उसे महसूस भी कर सकेंगे, सुनिए, “घुटनों से रेंगते रेंगते..कब पैरों पर खड़ा हुआ, तेरी ममता की छाओं में, जाने कब बड़ा हुआ, काला टीका दूध मलाई, आज भी सब कुछ वैसा है, मैं ही मैं हूँ हर जगह, प्यार यह तेरा कैसा है? सीधा साधा भोला भाला, मैं ही सबसे अच्छा हूँ, कितना भी हो जाऊं बड़ा, माँ, मैं आज भी तेरा बच्चा हूँ।” दरअसल ये चंद लाइने एक बच्चे की अपनी माँ को समर्पित हैं और इन्हीं से हम ही नहीं पूरी दुनिया माँ-बेटे के रिश्ते को अनमोल मानती है, और होता भी है। लेकिन इन दिनों इस कोरोना के खौफ ने एक माँ को ही उसके बेटे से जुदा कर दिया है। दरअसल ऐसे और भी कई मामले हैं जिनमें कोरोना के डर से माँ-बाप अपनी ही औलाद को छोड़कर चली गई। उधर गुजरात के अहमदाबाद में एक 6 महीने की मासूम बच्ची को खासी-ज़ुकाम क्या हुआ उसके माता-पिता उसे अस्पताल में भर्ती कराकर फरार हो गए। तो कुल मिलाकर ये कहा जा सकता है कि इस कोरोना महामारी ने रिश्तों को भी कमज़ोर कर दिया है।
सुधा साव

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