December 4, 2020

भारतीय सेना ने चीनी सेना घुसपैठियों को रोका, भारतीय क्षेत्र में बनाने जा रहे थे कैम्प,

भारतीय सेना ने चीनी सेना घुसपैठियों को रोका, भारतीय क्षेत्र में बनाने जा रहे थे कैम्प,

चीन और भारत के संबंध वैसे कुछ खास अच्छे संबंध नहीं है जो भी था वो इस कोरोना वायरस महामारी फैलाने की वजह से अब खटास चुकी है चीन हमेशा से ही भारत को नुकसान पहुंचा रहा है और अब फिर से कुछ ऐसी ही हरकते चीन ने की है।
चीनी सेना ने एक बार फिर से भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना इस हरकत को रोक दिया. इस दौरान भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच कुछ टकराव भी देखने को मिला. जब मई के पहले सप्ताह में चीनी सेना गालवान नदी से भारत की ओर बढ़ रही थी, तभी भारतीय सेना पूरी तरह से अलर्ट हो गई थी और सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी थी.
चीनी सेना का इरादा भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने और कैंप बनाने का था, मगर भारतीय सेना के आगे उसकी नहीं चल पाई. भारतीय सेना ने अपनी पूरी फौज को फौरन इलाके में तैनात कर दिया और चीनी सेना के इस गंदे इरादे को रोक दिया. इससे चीनी सेना का गालवान घाटी क्षेत्र में भारतीय क्षेत्र के अंदर घुसपैठ का सपना नहीं पूरा हो पाया.
सूत्रों का कहना है कि चीनी सेना का टारगेट गालवान प्वाइंट के पास तक बनी सड़क थी. इस सड़क की वजह से भारतीय सेना गालवान घाटी इलाके में आसानी से आ जा सकती है . सूत्रों का कहना है कि सीमा से सटे भारत क्षेत्र में पिछले 2-3 साल से सड़क निर्माण किया जा रहा है, जिसके वजह से चीन खुद को खतरा महसूस कर रहा है. चीनी सेना की यह घुसपैठ की कोशिश इसी का नतीजा है.
सूत्रों के अनुसार जहां पर भारत सड़क निर्माण कर रहा है, उस इलाके में चीनी हेलिकॉप्टर भी उड़ते दिख चुके हैं. सीमावर्ती इलाके में भारत के सड़क निर्माण पर विवाद पैदा करने के मकसद से चीन अपने हेलिकॉप्टर भेजता आ रहा है. चीन की इस हरकत पर भारत कड़ी आपत्ति भी दर्ज करा चुका है.
बता दें कि चीन ने रेखा LAC और भारत के पूर्वी लद्दाख क्षेत्र के पास पांच हजार से ज्यादा सैनिकों को तैनात किया है. इसके बाद भारत ने भी चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है.
वैसे तो इस इलाके में साल 1967 के बाद भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच एक भी बार गोलीबारी नहीं देखने को मिली.
अभी पूर्वी लद्दाख में LAC रेखा पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच टकराव जारी है. इस बीच सरकार ने गुरुवार को कहा कि कहा कि चीन के साथ सीमा विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए बातचीत चल रह है और ये भी याद दिलाया कि दोनों देशों ने सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं.।
प्रिया झा

Facebook Comments