October 31, 2020

काम न मिलने से टीवी एक्ट्रेस ने लगाई फांसी

preksha-mehta

काम न मिलने से टीवी एक्ट्रेस ने लगाई फांसी

लॉकडाउन सिर्फ गरीब मजदूर ही नहीं बल्कि समाज के कई वर्ग पर प्रभाव डाला है लेकिन मेनस्ट्रीम मीडिया में शायद ही इनका जिक्र हुआ है। टीवी सीरियल की शूटिंग न होने से कई एक्टर्स भी बेरोजार हो गए है। इसका हाल ही में उदाहरण देखने को मिला। जब टीवी सीरियल अभिनेत्री प्रेक्षा मेहता ने काम न मिलने से डिप्रेशन में अपने घर के पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। “सबसे बुरा होता हैं, सपनों का मर जाना”… पंजाबी कवि अवतार सिंह संधू उर्फ ‘पाश’… की कविता ये पंक्ति आज सबकी जुबान पर है। प्रेक्षा मेहता एक टीवी सीरियल अभिनेत्री जिसका आखिरी स्टेट्स था “सबसे बुरा होता हैं, सपनों का मर जाना”…टीवी कलाकार प्रेक्षा मेहता ने इंदौर के बजरंग नगर स्थित अपने घर में सोमवार देर रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मुंबई से इंदौर प्रेक्षा लॉक डाउन के बाद ही आ गई थी, वो मुंबई में टीवी सीरियल में काम करती थी, क्राइम पेट्रोल के भी कई प्रोग्राम में उसने अभिनय किया था, युवती के पिता रवीन्द्र मेहता के मुताबिक लॉक डाउन होने के कारण वो घर आ गई थी, मुम्बई में जिस तरह कोरोना बढ़ता जा रहा है और लगातार लॉक डाउन होने से, युवती को लगा कि लंबे समय तक काम नहीं मिलेगा। जिसके चलते शायद डिप्रेशन में आकर उसने ये कदम उठाया है। थिएटर में प्रेक्षा की शुरुआत अभिजीत वाडकर, संतोष रेगे और नगेंद्र सिंह राठौर के नाट्य ग्रुप ‘ड्रामा फैक्टरी’ से हुई। मंटो का लिखा नाटक ‘खोल दो’ उनका पहला प्ले था। इसमें मिले जबरदस्त रिस्पांस के बाद वो खूबसूरत बहू, बूंदें, राक्षस, प्रतिबिंबत, पार्टनर्स, हां, थ्रिल, अधूरी औरत जैसे नाटकों में काम कर चुकी हैं। एकल नाट्य ‘सड़क के किनारे” में जानदार अभिनय के लिए उन्हें अवार्ड मिल चुका है। वहीं उन्हें अभिनय के लिए ही तीन राष्ट्रीय नाट्य उत्सवों में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। ये माना जा रहा है कि अभिनय की ललक और दीवानगी ने ही प्रेक्षा को खुद की जान लेने को मजबूर कर दिया होगा, प्रेक्षा तो मौत के आगोश में समा गई लेकिन अपनी मौत के पीछे कई सवाल छोड़ गई जिसके जवाब आने वाला वक़्त ही दे पाएगा। वही प्रेक्षा के आखरी सोशल मीडिया स्टेटस ” सबसे बुरा होता है सपनो का मर जाना” ने एक बड़ा सवाल कोरोना संकट में और खड़ा कर दिया है। लॉक डाउन की वजह से अभिनेत्री प्रेक्षा मेहता जैसे कई लोग है। जिन्हें काम की चिंता है और ये चिंता निकट भविष्य में ना जाने कितनों की चिंता बन सकती है। सुधा साव

Facebook Comments