March 8, 2021

श्रमिकों की मौत छोटी- मोटी घटनाएं- दिलीप घोष

श्रमिकों की मौत छोटी- मोटी घटनाएं- दिलीप घोष
कोरोना वायरस की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन लागू किया गया है। जिसके बाद सबसे ज्यादा मार गरीब, मजदूरों पर पड़ रही है। लॉकडाउन के बाद से कई मजदूर अपने घर जाना ही ठीक समझे, साधन न होने के कारण कुछ मजदूर पैदल ही अपने घरों के लिए निकल पड़े। जिससे कि कई मजदूर मौत के गाल में समा गए लेकिन कुछ नेता ऐसे है जो इस समय मजदूरों की सहायता करने की बजाए उनपर सियासत करने से बाज नहीं आ रहे है। यूपी के बाद अब बंगाल में भी मजदूरों पर सियासत होना शुरू हो गया है। दरअसल बीते कुछ दिनों में ट्रेनों में कई प्रवासियों की मौत होने की खबर आई है। लाखों श्रमिक और उनके परिजन गर्मीं, भूख और प्यास का सामना कर रहे है। जिसकी वजह से सोमवार तक श्रमिक ट्रेन में एक बच्चे सहित 9 श्रमिकों की मौत हो चुकी है। जिसके बाद पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष का बयान सामने आया है। दिलीप घोष ने कहा कि श्रमिक स्पशेल ट्रेनों से अपने घरों को लौट रहे प्रवासियों की मौत होना छोटी और अलग घटना है इसके लिए रेलवे को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। घोष के इस बयान से सियासी पारा और चढ़ गया है। जिसके बाद विरोधी दलों के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। आपको बता दें कि भाजपा सांसद घोष ने संवाददाताओं से कहा कि कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हुई हैं लेकिन आप इसके लिए रेलवे को उत्तरदाई नहीं ठहरा सकते हैं। कुछ मौतें हुई है लेकिन ये छिटपुट घटनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सेवा के लिए रेलवे के बेहतर प्रयासों के हमारे पास उदाहरण है। कुछ छोटी- मोटी घटनाएं हुई है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि रेलवे को बंद करवा दिया जाए। उनके बयान के बाद तृणमूल सांसद सौगुता रॉय ने कहा कि प्रवासियों का पूरा मामला केंद्र सरकार के कोरोना संकट और लॉकडाउन को संभालने में किए गए कुप्रबंधन के कारण हुआ है। लोग मर रहे है और बीजेपी नेता तरह का अंहकार भरा व्यवहार कर रहे हैं जैसे कुछ हुआ ही नहीं है। ऐसे में बीजेपी के अध्यक्ष का ये बयान दिखाता है कि मजदूरों के लिए कितने असंवेदनशील है और ये भी साबित करता है कि मोदी सरकार लोगों की जान बचानें में फेल रही है।
सुधा साव

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